ग्रहों की उच्च/नीच स्थिति। दशा और योग (Dasha and Yoga):
यदि आपका सही जन्म समय ज्ञात नहीं है, तो इसे "अज्ञात समय" (Unknown Time/00:00) डालकर कुंडली बनाना व्यर्थ है, क्योंकि ऐसे में लग्न गलत निकलेगा। ऐसी स्थिति में ज्योतिषी या "समय संशोधन" (Time Rectification) की प्रक्रिया अपनाते हैं, जहां आपके जीवन की प्रमुख घटनाओं के आधार पर समय का अनुमान लगाया जाता है। janam kundali by date of birth and time in hindi
, यानी आपका जन्म तारा, बहुत महत्वपूर्ण है। हर कोई किसी न किसी 27 नक्षत्रों में से एक के अंतर्गत जन्म लेता है। नक्षत्र वह माध्यम है जिसके द्वारा आपके चंद्रमा की स्थिति और आपके मन के गहरे संस्कार (संस्कार) निर्धारित होते हैं। वास्तव में, किसी भी व्यक्ति की जन्म कुंडली में नक्षत्र देखकर जातक की मानसिकता और आध्यात्मिक प्रवृत्तियों का अंदाजा लगाया जा सकता है। यानी आपका जन्म तारा
ज्योतिष शास्त्र इन दोषों के निवारण के लिए कई भी सुझाता है, जैसे कि मंत्र जाप, रत्न धारण करना, विशेष पूजा-अनुष्ठान या व्रत रखना। किसी अनुभवी ज्योतिषी की सलाह से इन उपायों को करना हमेशा बेहतर होता है। जैसे कि मंत्र जाप
यह आपके 'लग्न' (Ascendant) को निर्धारित करता है। लग्न हर दो घंटे में बदल जाता है, इसलिए सटीक समय के बिना सटीक भविष्यवाणी संभव नहीं है।