Palitana 5 Chaityavandan In Hindi: Full Free
श्री शत्रुंजय सिद्धक्षेत्र, दीठे दुर्गति वारे;भाव धरीने जे चढे, तेने भव पार उतारे। 1
चैत्यवंदन की सामान्य विधि प्रणाम: palitana 5 chaityavandan in hindi full
"आदिदेव अलवेसरो, विनीता का राय; दीठे दुर्गति वारे
प्रत्येक चैत्यवंदन करते समय इस क्रम का पालन करना चाहिए: भाव धरीने जे चढे
तलेटी (पहाड़ की तलहटी) पर यात्रा शुरू करते समय यह वंदन किया जाता है। यह शत्रुंजय तीर्थ की महिमा को समर्पित है.
1. प्रथम चैत्यवंदन: जय तळेटी चैत्यवंदन (First Chaityavandan: Jay Taleti)